छ्ह वर्ष से कम आयु के शिशुओं एवं १८-४५ वर्ष के आयु समूह की महिलाओं के पोषण एवं स्वास्थ्य स्तर मे सुधार करना ।
शिशु के उचित मानसिक, शारीरिक एवं सामाजिक विकास की नींव रखना । टीकाकरण
कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं को टी टी के इन्जेक्शन एवं छ्ह वर्ष से कम आयु के शिशुओं को डी पी टी एवं बी सी जी के टीके सुनिश्चित करना ।
मृत्युदर, अस्वस्था, कुपोषण एवं स्कूल से निकाले जाने की घटनाओ को कम करना ।
शिशु विकास मे व्रद्धि करने हेतु पलिसी के प्रभावी कार्यरूप एवं विभिन्न विभागों में शिशु के साधारण स्वास्थ्य एवं पोषण आवश्यकताओं की देखभाल के लिए उचित स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा द्वारा माँ की योग्यता मे व्रद्धि करना। कुपोषण एवं अति कुपोषित महिलाओं एवं शिशुओं के लिये सहायक पोषण की व्यवस्था सुनिश्चित करना।